जमशेदपुर, जनवरी 22 -- झारखंड के अपराध जगत में बीते कुछ सालों में एक नया और चिंताजनक ट्रेंड तेजी से उभरकर सामने आया है। पुलिस और एटीएस की जांच में सामने आया है कि कुख्यात गैंगस्टरों के जेल जाने या अंडरग्राउंड होने के बाद अब उनके आपराधिक नेटवर्क की कमान पत्नी या भरोसेमंद महिला सहयोगियों को सौंपी जा रही है। अपराध की दुनिया में महिलाओं की भूमिका अब केवल सहायक तक सीमित नहीं रही, बल्कि वे सीधे गैंग के संचालन और फैसलों को नियंत्रित कर रही हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, जेल में बंद गैंगस्टर सुजीत सिन्हा ने अपनी पत्नी को गिरोह की जिम्मेदारी सौंपी, जबकि राहुल दुबे जैसे अपराधियों ने महिला सहयोगियों को आगे कर दिया। ये महिलाएं रंगदारी वसूली, ठेकेदारों और कारोबारियों की रेकी, हथियारों की सप्लाई और पैसों के लेन-देन का पूरा नेटवर्क संभाल रही थीं। इस संगठ...