रांची, जनवरी 22 -- रांची, संवाददाता। "बड़ा होकर भीख मांगना चाहता हूं, मां-पिता को खिलाना है.। भीख मांगना अच्छा लगता है।" यह शब्द उस रेस्क्यू किए गए बच्चे के हैं, जिसने काउंसिलिंग में ऐसा कहा। यह सब गुरुवार को प्रेमाश्रय, बालाश्रय व सहयोग विलेज आश्रय गृह के निरीक्षण में दिखा। झालसा के निर्देश पर डालसा सचिव राकेश रौशन और डिप्टी एलएडीसी राजेश कुमार सिन्हा ने गुरुवार को आश्रय गृहों का निरीक्षण किया। रेस्क्यू किए गए 34 बच्चों से मुलाकात कर काउंसिलिंग भी की गई। बच्चों से पूछा गया कि वे बड़े होकर क्या बनना चाहते हैं, तो बच्चों का जवाब सभी को भावुक कर गया। कहा कि वे भीख मांगना चाहते हैं, ताकि मां-पिता को खिला सकें। बच्चों ने बताया कि उन्हें खाने-पीने या रहने में कोई परेशानी नहीं है। लेकिन वे अपने माता-पिता के पास घर जाना चाहते हैं। यहां उनका मन न...