गोरखपुर, मार्च 9 -- बड़हलगंज, हिंदुस्तान संवाद। क्षेत्र के भगवती लॉज सभागार में रविवार को साहित्यिक गरिमा से भरपूर कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार कविवर बृजभूषण राय 'वृज' की नवीन कृति 'अभिज्ञान शाकुंतल' (हिंदी गीति-नाटक) का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में विद्वानों, कवियों और साहित्य प्रेमियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि श्रीराम मंदिर व हनुमानगढ़ी अयोध्या धाम के संस्कृत आचार्य रामानंद शुक्ल ने कहा कि कविवर बृजभूषण राय 'वृज' की यह 15 वीं कृति है, जिसमें उन्होंने संस्कृत के महान काव्य अभिज्ञान शाकुंतल को हिंदी गीति-नाटक के रूप में प्रस्तुत कर हिंदी साहित्य को नई ऊंचाई देने का प्रयास किया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर हिंदी विभाग के पूर्व प्राचार्य प्रो. रामदरश राय ने ...
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