फरीदाबाद, मार्च 25 -- फरीदाबाद। बड़खल झील में जलकुंभी की समस्या पिछले दो वर्षों से जस की तस बनी हुई है। अधिकारियों की बैठकों, योजनाओं और दावों के बावजूद झील की सफाई का काम शुरू नहीं हो सका है। नतीजतन झील का अधिकांश हिस्सा जलकुंभी से पट चुका है, जिससे इसकी प्राकृतिक सुंदरता के साथ जलीय जीवों के लिए खतरा बढ़ गया है। अरावली की वादियों में बसी दो दशक से सूखी पड़ी बड़खल झील को वर्ष 2015 में पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण की घोषणा की। इसके बाद यह प्रोजेक्ट स्मार्ट सिटी में शामिल किया गया। स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने साल 2018 में जीर्णोद्धार का काम शुरू किया गया। बड़खल झील तक पाइप बिछा दिए गए हैं। सेक्टर-21ए में सीवर शोधन संयंत्र से हर रोज 10 एमएलडी पानी पांच बीओडी मात्रा तक शोधित कर झील में पानी छोड़ा जा रहा है। अब काफी ह...