नई दिल्ली, फरवरी 2 -- Union Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 में निवेशकों के लिए एक अहम बदलाव किया गया है, जिसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो कर्ज लेकर शेयर या म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। अब तक ऐसे निवेशकों को राहत मिलती थी क्योंकि वे डिविडेंड या म्यूचुअल फंड से होने वाली कमाई पर लिए गए कर्ज के ब्याज का कुछ हिस्सा टैक्स से घटा सकते थे। लेकिन बजट 2026 के प्रस्ताव के बाद यह सुविधा खत्म होने जा रही है। यानी अब डिविडेंड कमाने के लिए लिया गया लोन टैक्स बचाने में मदद नहीं करेगा।क्या है डिटेल अभी तक आयकर अधिनियम की धारा 93 के तहत निवेशकों को यह छूट मिलती थी कि वे डिविडेंड या म्यूचुअल फंड यूनिट्स से हुई आय का अधिकतम 20 प्रतिशत तक ब्याज खर्च टैक्स से घटा सकते थे। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी निवेशक को Rs.1 लाख का डिविडेंड मिला और उसने Rs.25 हजा...