बच्चों पर ना डाले अंकों का दबाव, अभिभावक रखे देखभाल
मुजफ्फर नगर, अप्रैल 20 -- मुजफ्फरनगर। बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम आने की आहट के साथ ही छात्र-छात्राओं में तनाव और घबराहट का ग्राफ तेजी से बढ़ने लगता है। मनोचिकित्सकों का कहना है कि यह समय छात्रों के लिए केवल अंकों का गणित नहीं, बल्कि एक गहरे मानसिक द्वंद्व का काल होता है। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों के आसपास रहने के साथ उन्हें समझने और उनकी देखभाल की सबसे ज्यादा आवश्यकता होती है। मुजफ्फरनगर के साकेत कालोन में पिछले दिनों ग्रैन चैम्बर स्कूल के एक 11वीं कक्षा के छात्र ने घर में अकेले रहने के दौरान फांसी लगा ली थी। ऐसे में बोर्ड परीक्षा को लेकर छात्र-छात्राएं और अधिक गंभीर होते हैं। यह भी पढ़ें- उदासीनता: बस्ते के बोझ से कराह रहा स्कूली बच्चों का बचपन इस स्थिति में अभिभावकों को बच्चों को ज्यादा ध्यान रखने की जरूरत है। मुजफ्फरनगर के मनोचिकित्सक ...
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