मेरठ, जून 23 -- जैन स्थानक वीर नगर में सोमवार को आयोजित संस्कार शिविर में बच्चों को जैन ध्वज और जैन प्रतीक चिह्न की जानकारी दी गई। बताया कि जैन धर्म का अपना विशिष्ट जैन ध्वज और जैन प्रतीक चिह्न है, जो जैन धर्म की पहचान और उसके महान सिद्धांतों का प्रतीक है। आयोजन समिति के सदस्यों ने जैन ध्वज के पांच रंगों लाल, पीला, सफेद, हरा और काला नीला के धार्मिक महत्व को समझाया गया। जैन प्रतीक चिह्न की संरचना, उसके विभिन्न भागों और उसके नीचे अंकित सूत्र परस्परोपग्रहो जीवानाम् का अर्थ भी बच्चों को बताया गया। शिक्षकों ने समझाया कि संसार के सभी जीव एक दूसरे के सहयोग से जीवनयापन करते हैं, इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को सभी प्राणियों के प्रति प्रेम, सहयोग, करुणा और अहिंसा का भाव रखना चाहिए। बच्चों ने जैन धर्म के सिद्धांतों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।...