नई दिल्ली, फरवरी 25 -- क्षमा शर्मा,वरिष्ठ पत्रकार हाल ही में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने स्कूली बच्चों के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इस बड़े संस्थान का कहना है कि बच्चों का मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य बेहद जरूरी है, ताकि छात्र-छात्राएं खुद को स्कूलों के बीच सुरक्षित महसूस कर सकें। कई बार स्कूलों में बच्चों को भेदभाव और चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उनकी ऐसी समस्याओं पर बहुत सारे स्कूलों में ध्यान नहीं दिया जाता। इसके कारण कई बच्चे आत्महत्या जैसे कदम उठा लेते हैं। इसलिए समय-समय पर बच्चों की काउंसलिंग बेहद जरूरी है, ताकि स्कूलों में बच्चे न केवल सुरक्षित महसूस करें, बल्कि खुद को समर्थ और सम्मानित भी समझें। इसलिए वेलनेस अध्यापकों की नियुक्ति और प्रति 500 बच्चों पर एक काउंसलर का होना आवश्यक है। इसी दिशा में आगे कदम...
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