इस्लामाबाद, जून 4 -- एक दिन पहले यानी 3 जून 2026 को पाकिस्तान के लाहौर उच्च न्यायालय (LHC) ने एक अहम फैसला सुनाया। कोर्ट 2020 के बहुचर्चित 'लाहौर मोटरवे गैंगरेप केस' के दो दोषियों- आबिद अली और शफकत अली की फांसी की सजा को बरकरार रखा है। दोनों दोषियों ने 2021 में आतंकवाद निरोधी अदालत (ATC) द्वारा दी गई फांसी की सजा के खिलाफ अपील दायर की थी, जिसे उच्च न्यायालय ने खारिज कर दिया है। इसका मतलब है कि निचली अदालत द्वारा दी गई मौत की सजा लागू रहेगी। इस पूरे मामले पर दुनिया के सबसे अमीर शख्स टेस्ला चीफ एलन मस्क ने भी रिएक्शन देते हुए पाकिस्तान की तारीफ की है।क्या था लाहौर मोटरवे केस? यह खौफनाक घटना 9 सितंबर 2020 की है। पाकिस्तानी मूल की एक फ्रांसीसी महिला अपने तीन बच्चों के साथ सियालकोट-लाहौर मोटरवे पर सफर कर रही थी। देर रात सफर के दौरान उनकी कार क...