रांची, अगस्त 30 -- रांची, विशेष संवाददाता। चीफ जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक ने कहा है कि किशोर न्याय अधिनियम संवेदनशील और करुणामय समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण व्यवस्था है। बच्चों के पुनर्वास और उनके सही मार्गदर्शन के लिए सभी संबंधित संस्थाओं को मिलकर काम करना होगा। वह रविवार को न्यायिक अकादमी धुर्वा में किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के दस साल के कार्यान्वयन की समीक्षा और अगले दशक की प्राथमिकताएं तय करने के लिए राज्य स्तरीय सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। चीफ जस्टिस ने बच्चों से जुड़े मामलों के शीघ्र निस्तारण, पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य, मनोसामाजिक सहयोग और बाल अधिकारों की बेहतर सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए तैयार करना समाज की जिम्मेदारी है और विकसि...