नई दिल्ली, दिसम्बर 15 -- विटामिन डी को 'सनशाइन विटामिन' कहा जाता है, क्योंकि यह धूप में रहने से शरीर में प्राकृतिक रूप से बनता है। हालांकि आजकल के इनडोर लाइफस्टाइल कल्चर की वजह से ज्यादातर बहुत छोटे बच्चों को धूप से दूर रखा जाता है। जो टॉडलर्स पहले घंटों बाहर खेलते थे, वे आजकल ज्यादातर समय घर, डे-केयर या गैजेट्स से ही घिरे रहते हैं। यही वजह है कि बहुत कम उम्र में ही छोटे बच्चों को भी विटामिन डी की कमी देखने को मिल रही है।बच्चों में विटीमिन डी की कमी के कारण मधुकर रेनबो चिल्ड्रेन हॉस्पिटल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मेधा कहती हैं कि धूप विटामिन D का सबसे भरोसेमंद स्रोत है, लेकिन कई माता-पिता गर्मी, प्रदूषण या सुरक्षा कारणों से बच्चों को बाहर ले जाने से बचते हैं। ऊपर से सनस्क्रीन का अधिक इस्तेमाल भी विटामिन डी बनने की प्रक्रिया को कम कर देता है...