पूर्णिया, सितम्बर 29 -- पूर्णिया, हिन्दुस्तान संवाददाता। बाल अधिकारों के संरक्षण के लिए जमीनी अभियान चला रहे प्रयास जैक सोसाइटी ने सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का स्वागत किया है, जिसमें उसने केंद्र से इस संभावना पर विचार करने को कहा है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए ऐसे वैधानिक नियम बनाए जाएं, जिनके तहत उनके लिए नाबालिगों से संबंधित भारतीय कानूनों का पालन करना अनिवार्य हो। नागरिक समाज संगठनों के देश के सबसे बड़े नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन अलायंस ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर कर मांग की थी कि डिजिटल प्लेटफॉर्मों को इस बात का ध्यान रखने के निर्देश दिए जाएं कि नाबालिगों में अनुबंध करने की कानूनी अधिकार नहीं होता, इसलिए ऑनलाइन सेवाओं तक उनकी पहुंच के लिए जरूरी सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं। यह भी पढ़ें- पाक्सो एक्ट के प्रति विद्यार्थ...