नैनीताल, जुलाई 7 -- भवाली, संवाददाता। उत्तराखंड की समृद्ध लोक संस्कृति और पारंपरिक कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से बीआरसी मेहरागांव में जीवन वर्षा कला संगम समिति की ओर से मंगलवार को डिकारे निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया। जिसमें बच्चों और महिलाओं को डिकारे बनाने का प्रशिक्षण देकर पहाड़ की विलुप्त होती लोक परंपरा को संरक्षित करने का संदेश दिया गया।मुख्य अतिथि पद्मश्री डॉ. यशोधर मठपाल और बृजमोहन जोशी रहे। पद्मश्री डॉ. मठपाल ने प्रतिभागियों को डिकारे बनाने की बारीकियां सिखाईं और कहा कि लोक संस्कृति और पारंपरिक कलाओं का संरक्षण तभी संभव है, जब नई पीढ़ी इनसे जुड़े और इन्हें अपनाए। यह भी पढ़ें- नाबार्ड स्थापना दिवस पर महिलाओं ने दिखाई प्रतिभा जीवन वर्षा कला संगम समिति की अध्यक्ष वर्षा ने बताया कि पद्मश्री डॉ. मठपाल ने अपने संग्रहालय ...