प्रयागराज, फरवरी 8 -- प्रयागराज। नशा, ऑनलाइन गेमिंग और मोबाइल की लत का बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। टाइम पास से शुरू होने वाली ऑनलाइन गेमिंग न केवल बच्चों के भविष्य को बर्बाद कर रही है। यह गेमिंग न केवल पढ़ाई व परिवार से दूर कर रही है बल्कि कई मामलों में बच्चों के जान तक जोखिम में आ रही है। यही कारण है एसआरएन अस्पताल व कॉल्विन के मानिसक रोग विभाग ही नहीं बल्कि शहर के संचालित हो रहे निजी नशा मुक्ति केंद्रों में बड़ी संख्या में लोग काउंसिलिंग व इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। एसआरएन अस्पताल 28 और कॉल्विन में इस समय 17 बच्चों की काउंसिलिंग व इलाज चल रहा है। कॉल्विन अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. राकेश पासवान ने बताया कि गाजियाबाद में मंगलवार रात ऑनलाइन गेमिंग की लत के कारण तीन सगी बहनों की आत्महत्या के मामले को देखते हुए पि...
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