नई दिल्ली, जुलाई 20 -- हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा अनुशासन में रहकर तमीजदार बनें और समाज में उनकी नाक न कटवाए। इसके लिए बच्चे को घर पर कई तरह के नियम-कानून सिखाए जाते हैं। कई चीजें सिखाने के बाद भी जब बच्चा शैतानी करता है, तो पेरेंट्स का पारा सातवें आसमान पर पहुंच जाता है और ऐसे में चिल्लाना-मारना जैसी चीजें काफी आम लगती है। हालांकि, माता-पिता की ये आदत बच्चे को तमीजदार-जिम्मेदार बनाने के बजाय गुस्सैल-जिद्दी बना सकती है। रिसर्च के मुताबिक, जो पेरेंट्स बच्चों पर जोर से चिल्लाते हैं या फिर डांटते-मारते हैं, उनके दिमाग पर इसका गहरा असर पड़ता है। इससे बच्चा अनुशासन सीखने के बजाय मानसिक तनाव का शिकार हो सकता है। तो चलिए आपको बताते हैं बच्चे को अनुशासन सिखाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए।1- हर बात पर चिल्ला देना बच्चे ने कोई गलती ...