नई दिल्ली, अगस्त 11 -- अगर पैरेंट्स अपने बच्चे के नाम पर PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड ) अकाउंट चला रहे हैं तो यह जरूरी नहीं कि वो अपनी मर्जी से जमा पैसे निकाल सकें। ऐसा ही एक मामला दिल्ली हाईकोर्ट में आया था। इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने जो आदेश दिया है, वो काफी अहम है। ये फैसला हर PPF खाताधारक को जानना जरूरी है।क्या है मामला? यह मामला एक पिता और बेटी के बीच PPF खाते को लेकर कानूनी विवाद का है। दरअसल, सुधीर कवात्रा ने वर्ष 1999 में अपनी बेटी शामली कवात्रा के नाम पर PPF अकाउंट खुलवाया था। इस खाते में समय के साथ रकम जमा होती रही और वर्ष 2016 तक इसका कुल फंड 8 लाख रुपये से अधिक हो गया था। 15 साल की मैच्योरिटी के बाद 2016 में शामली के पिता ने पूरी रकम निकाल ली और अकाउंट बंद कर दिया। इसका खुलासा तब हुआ जब शामली PPF अकाउंट से मैच्योरिटी के पैस...