नई दिल्ली, अगस्त 26 -- विवेक पांडेय, गोरखपुर बच्चियों से अपराध के मामलों में आरोपितों के खिलाफ बड़ी संख्या में एफआईआर दर्ज की जा रही है, लेकिन उन्हें सजा दिलाने में पुलिस कहीं न कहीं नाकाम नजर आ रही है। हाल यह है कि गोरखपुर जोन में पिछले सात महीने में बच्चियों से अपराध के मामलों में आरोपित हुए 60 प्रतिशत आरोपी सबूत और गवाहों के अभाव में छूट गए। पुलिस अपनी पैरवी और मजबूत साक्ष्यों के आधार पर करीब 40 प्रतिशत आरोपितों को ही सजा दिला पाई है। दरअसल, नाबालिग बच्चों और बच्चियों के खिलाफ बढ़ते अपराध को देखते हुए वर्ष 2012 में कानून में बदलाव किया गया था। इसी के तहत नाबालिगों से जुड़े यौन अपराधों के लिए पॉक्सो एक्ट लागू किया गया और मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालतें बनाई गईं। अन्य धाराओं के साथ पॉक्सो एक्ट की धारा शामिल होने पर मामला नाबालिग से...