बिहारशरीफ, सितम्बर 6 -- बच्चा हेराफेरी : 3.5 साल बाद भी बच्ची के असली माता-पिता का पता नहीं

गोपनीयता के बावजूद पहचान का संकट निजी क्लिनिक में बदल दिया गया था नवजात बच्चा शिकायत करने वाले दंपती ने बच्ची को अपनाने से कर दिया था इनकार जिला बाल संरक्षण विभाग की देख-रेख में पल रही है बच्ची अस्पताल की चूक से तीन साल से टूटा परिवार बेटा गंवाया और बेटी को अब तक नहीं मिली पहचान बिहारशरीफ, निज संवाददाता। शहर के एक निजी क्लिनिक में नवजात बच्चा बदले जाने के मामले को साढ़े तीन साल बीत चुके हैं। लेकिन, आज तक यह तय नहीं हो पाया कि बच्ची साधना (काल्पनिक नाम) के असली मां-बाप कौन हैं। डीएनए जांच तक हो चुकी है, फिर भी जैविक माता-पिता तक पहुंचने में प्रशासन और पुलिस, दोनों नाकाम साबित हुई है। नतीजा यह कि एक मासूम बच्ची अपने ही परिवार से महरूम होकर सरकारी सं...