नई दिल्ली, अक्टूबर 4 -- कहते हैं कि अगर आपके भीतर कुछ करने का जज्बा और जुनून हो और इसके लिए इरादे पक्के हो, तो इंसान कुछ भी हासिल कर सकता है। एक ऐसी ही कहानी है राजस्थान के दौसा जिले रहने वाले राजवीर गुर्जर की। जिन्होंने अपनी विषम परिस्थितियों के आगे घुटने नहीं टेके, बल्कि मजबूत इरादे से उसका सामना किया। बचपन से ही दोनों हाथ की हथेलियां नहीं होने के बावजूद उन्होंने अधिकारी बनने का सपना देखा और इसे अपनी मेहनत, लगन और मजबूत इरादों के दम पर साकार किया। इसी का नजीता है कि उन्होंने आरएएस भर्ती परीक्षा 2024 में सफलता हासिल की और आज वो तहसरीलदार बन गए हैं। चलिए आज हम आपको उनकी सक्सेस स्टोरी बताते हैं।कौन हैं राजवीर गुर्जर राजवीर गुर्जर राजस्थान दौसा जिले के छोटे से गांव सलेमपुर के रहने वाले हैं। उनके पिता का नाम विक्रम सिंह है, जो पुलिस विभाग मे...