गिरडीह, अक्टूबर 2 -- बगोदर, प्रतिनिधि। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में हादसे में मृत प्रवासी मजदूर वीरेंद्र महतो का पार्थिव शरीर बुधवार को गांव लाया गया। कंपनी द्वारा बगैर मुआवजा दिए शव भेजने से परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। इसी के विरोध में शव लेकर आई एंबुलेंस को ग्रामीणों ने रोक रखा है। पंचायत समिति सदस्य बशारत अंसारी ने बताया कि कंपनी ने शव तो भेज दिया, लेकिन पीड़ित परिजनों को मुआवजा राशि नहीं दी। गुरुवार शाम तक 24 घंटे से अधिक समय तक एंबुलेंस रोकी गई। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक कंपनी मुआवजे पर संतोषजनक वार्ता नहीं करती, एंबुलेंस नहीं छोड़ी जाएगी। एंबुलेंस ड्राइवर से लोगों की कोई नाराजगी नहीं है। बता दें कि शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।

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