गोंडा, मई 7 -- रुपईडीह, संवाददाता। बिना भक्ति के भगवान को प्राप्त करना संभव नहीं है। धर्मशीलता जब व्यक्ति के जीवन में उतर आती है तो उसे भगवान को नहीं ढूंढना पड़ता है, बल्कि भगवान उसे ढूंढते हैं। भगवान की प्राप्त होने के बाद व्यक्ति को कोई चाहत नहीं होती है। श्रीराम कथा व्यक्ति के सभी कामनाओं को नष्ट कर देती है, जिसे ईश्वर की प्राप्त होती है। यह बातें कथा व्यास राजन महाराज ने कौड़िया के सम्मय माता मंदिर पैडीबरा में आयोजित श्रीराम कथा के दौरान प्रवचन में कहीं। नौ दिवसीय श्रीराम कथा के चौथे दिन कथा व्यास श्रद्धालुओं से कहा कि मनु के संतान होने से हम मनुष्य कहलाते हैं। श्रेष्ठ आचरण से ही मनुष्य ज्ञानी होता है। व्यक्ति एक स्थान पर एक समय पर रहता है लेकिन भगवान एक समय में कण-कण में वास करते हैं। विप्र के चरणों से प्रेम होने पर व्यक्ति को भक्ति ...
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