फरीदाबाद, फरवरी 9 -- फरीदाबाद। मधुबनी पेंटिंग को देश-दुनिया में विशिष्ट पहचान दिलाने में बिहार की प्रख्यात कलाकार बऊआ देवी का योगदान ऐतिहासिक रहा है। उनकी कला साधना को सम्मान देते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2017 में उन्हें पद्मश्री से नवाजा, वहीं इससे पहले 1985 में उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया गया। बऊआ देवी को यह राष्ट्रीय सम्मान मधुबनी पेंटिंग में सांप की कथा को अनूठे ढंग से चित्रित करने पर मिला था, जिसने लोककथाओं और प्रतीकों के माध्यम से मिथिला संस्कृति की गहराई को उजागर किया। दीवारों से कागज तक का सफर मधुबनी पेंटिंग की शुरुआत पारंपरिक रूप से बिहार के मिथिला क्षेत्र में दीवारों पर की जाती थी। विवाह, जन्मोत्सव, जनेऊ संस्कार जैसे शुभ अवसरों पर घरों की दीवारों पर यह चित्रकारी की जाती थी, जो धार्मिक आस्था और सामाजिक परंपराओं से जुड़ी ह...
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