प्रयागराज, मई 30 -- Allahabad Highcout: गोकशी के मामले में शामली डीएम द्वारा आरोपियों पर लगाए गए एनएसए को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट ने दोनों आरोपियों को भी रिहा कर दिया है। 1980 के तहत हिरासत में रखने के डीएम के आदेश को यह कहते हुए रद्द कर दिया कि कथित कृत्य एक मकान की चारदीवारी के भीतर किया गया था ना कि सार्वजनिक स्थल पर। बंद कमरे में हुई गोकशी से कानून व्यवस्था नहीं बिगड़ी। हाईकोर्ट ने 26 मई को दिए अपने फैसले में कहा कि कथित कृत्य किसी तरह की हिंसा या लोक शांति में व्यवधान या सांप्रदायिक सौहार्द में व्यवधान नहीं था जो रासुका के तहत हिरासत के लिए आवश्यक है। न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा और न्यायमूर्ति डॉ. अजय कुमार की खंडपीठ ने इस्लाम उर्फ इसाम और समीर द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाएं स्वीकार करते हुए दोनों लोगों क...