रायबरेली, मई 9 -- सतांव। आधारशिला कालेज ऑफ प्रोफेशनल कोर्सेज़ के सभागार में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि सोशल एक्टिवस्ट संतोष उपाध्याय ने कहा कि कारावास का अर्थ किसी व्यक्ति को उसके मानवीय अधिकारों से वंचित करना नहीं है, इसलिए बंदियों को मतदान का अधिकार दिया जाना चाहिए। उन्होने कहा कि जब जेल में बंद कोई व्यक्ति चुनाव लड़ सकता है तो जेल मे बंद व्यक्ति को मतदान के अधिकार से वंचित करना न केवल उसके मूल अधिकार का हनन है, बल्कि अन्याय है। संतोष सिंह ने बंदियों को कानूनी सहायता, स्वास्थ्य सेवाएं व शिक्षा जैसी व्यवस्थायें उपलब्ध कराये जाने की आवश्यकता पर बल दिया। डा तहसीलदार सिंह ने कहा कि शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में संवैधानिक चेतना, सामाजिक संवेदनशीलता और मानवाधिक...