हरदोई, जनवरी 15 -- बेनीगंज। झरोइया गांव निवासी भट्ठा व्यवसायी सुभाष त्रिपाठी अपने मकान पर चल रहे निर्माण कार्य को देखने पहुंचे थे। इसी दौरान करीब 40-50 बंदरों के झुंड ने उन पर अचानक हमला कर दिया। जान बचाने के प्रयास में वह भागे, लेकिन इस दौरान गिर जाने से उनका पैर फ्रैक्चर हो गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि इससे पूर्व अशोक शुक्ला बंदरों से बचाव के दौरान तीन मंजिला इमारत से गिरकर अपनी जान गंवा चुके हैं। वहीं, व्यापार मंडल बेनीगंज के अध्यक्ष लव मिश्रा के पुत्र की भी कुछ समय पहले बंदरों के हमले के चलते मौत हो चुकी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि बंदर इतने बेखौफ हो चुके हैं कि वे सीधे पुरुषों, महिलाओं और बच्चों पर हमला कर घायल कर रहे हैं। इसके साथ ही किसानों की फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। बावजूद इसके अब तक जिम्मेदार विभागों द्वारा...