फतेहपुर, जून 6 -- बिंदकी। कस्बे से गांव तक बंदरों की धमाचौकड़ी में मासूम, बुजुर्ग आसानी से शिकार बन रहे है। पिछले माह में आधा सैकड़ा से अधिक जख्मी हुए, जिसमें डेढ़ दर्जन मासूम भी शामिल है। शनिवार सुबह सोते समय एक बच्ची पर बंदरों के झुंड हमला कर दिया। जिसके पैर में गहरे जख्म है। परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। बंदरों के आतंक से ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल है। बिंदकी के ठठराही, पैगंबरपुर, जहानपुर, महरहा रोड, कजियाना और लाहौरी जैसे तमाम मोहल्लो में बंदरों का आतंक बना रहता है। क्षेत्र के जबरदस्त खेड़ा, मुरकुटा, कांशाखेड़ा, खजुहा के अलावा आलमगंज, जलाला, सैमसी जैसे गांवो में आतंक बना है। शनिवार को बकेवर क्षेत्र के मंझिलेगांव निवासी सात वर्षीय सेजल घर के दूसरी मंजिल में सो रही थी। तभी बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया और उसके पैर का मा...