नई दिल्ली, अप्रैल 8 -- पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले SIR का मुद्दा गरमाया हुआ है। मतदाता सूची से लाखों नाम कटने के बाद अब राज्य में मतदाता सूची से हटाए गए लोगों की अपील पर न्यायाधिकरणों ने सुनवाई शुरू कर दी है। इस बीच ट्रिब्यूनल ने एक अहम फैसले में आधार कार्ड को पहचान के रूप में स्वीकार करते हुए एक उम्मीदवार के पक्ष में निर्णय दिया है। यह मामला फरक्का क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार मोताब से जुड़ा था, जिनका नाम सूची से हटाया गया था। अधिकरण ने अपना फैसला सुनाते हुए भी कहा कि चुनाव आयोग उनके नाम को काटने का कोई स्पष्ट कारण बताने में असफल रहा है। रिटायर्ड जस्टिस टी एस शिवगणनम ने इस मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि अधिकरण ने संबंधित अधिकारी द्वारा नाम हटाने के दर्ज कारण मांगे थे, लेकिन आयोग ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए...
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