नई दिल्ली, दिसम्बर 31 -- पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष निरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया विवादों के केंद्र में आ गई है। राज्य के अलग-अलग जिलों में सुनवाई का नोटिस मिलने के बाद तीन बुजुर्गों की मौत हो गई है। इस मामले में पीड़ित परिवारों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल को जिम्मेदार ठहराते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। राज्य में पिछले दो दिनों के भीतर तीन बुजुर्गों की जान जा चुकी है, जो कथित तौर पर मतदाता सूची में नाम को लेकर जारी नोटिस के कारण मानसिक तनाव में थे। पुरुलिया में 82 वर्षीय दुर्जन माझी को सोमवार को सुनवाई के लिए बुलाया गया था। उनके बेटे कनाई माझी का आरोप है कि उनके पिता का नाम 2002 की फिजिकल वोटर लिस्ट में था, लेकिन चुनाव आयोग की वेबसाइट पर वह गायब था। इस तकन...