कोलकाता, जुलाई 20 -- पश्चिम बंगाल विधानसभा के इतिहास में सोमवार (20 जुलाई) का दिन एक बड़े बदलाव का गवाह बना। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने विधायकों के अधिकारों और जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर एक ऐसी घोषणा की, जिसने सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों को हैरान कर दिया है। मुख्यमंत्री के इस कदम की सराहना करते हुए वरिष्ठ विपक्षी नेता फिरहाद हकीम ने इसे 'लोकतंत्र की जीत' और 'विधायकों का सम्मान' करार दिया है। दरअसल, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सदन में घोषणा की कि अब से विधानसभा के रेफरेंस फेज (Mention Hour) के दौरान विधायक जो भी मुद्दे उठाएंगे, उन्हें 7 दिनों के भीतर संबंधित विभागों तक पहुँचाना अनिवार्य होगा। उन्होंने सख्त निर्देश दिए हैं कि मंत्रियों को इन मुद्दों पर जवाब देना ही होगा और अगर कोई काम संभव है, तो उसे करना होगा। मुख्यमंत्री ने ...