नई दिल्ली, अक्टूबर 28 -- पश्चिम बंगाल सरकार ने बुधवार को कहा कि भविष्य में स्कूल सेवा आयोग के माध्यम से भर्ती होने वाले शिक्षकों को सीधे राजनीति में भाग लेने या पंचायत, नगरपालिका, राज्य विधानसभा या लोकसभा चुनाव लड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। बुधवार को नबन्ना में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इस निर्णय की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रतिबंध भविष्य में भर्ती होने वाले शिक्षकों पर लागू होगा, न कि उन वर्तमान शिक्षकों पर जो पहले से ही चुने हुए या राजनीतिक पदों पर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नयी नीति पहले से भर्ती हो चुके शिक्षकों पर लागू नहीं होगी, लेकिन अब से जो शिक्षक, आयोग से नियुक्ति प्राप्त करेंगे, उन्हें प्रत्यक्ष राजनीति में भाग लेने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने बताया कि देश में कई ऐसे राज्य है...