नई दिल्ली, जून 14 -- पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों के बाद राज्य की राजनीति में केवल शीर्ष स्तर पर ही उथल-पुथल नहीं मची है, बल्कि जमीनी स्तर पर भी तृणमूल कांग्रेस (TMC) का दशकों पुराना किला ढहता नजर आ रहा है। दक्षिण 24 परगना के सोनारपुर रेलवे स्टेशन के पास कभी टीएमसी के नीले-सफेद रंग में रंगा ऑटो रिक्शा यूनियन का दफ्तर अब पूरी तरह बदल चुका है। वहां अब भारतीय मजदूर संघ (BMS) का भगवा बैनर लहरा रहा है। यह बदलाव केवल झंडे का नहीं, बल्कि बंगाल की जमीनी राजनीति पर हावी टीएमसी के सिंडिकेट राज के अंत की शुरुआत है। सोनारपुर के ऑटो चालक अब राहत की सांस ले रहे हैं। इंडियन एक्सप्रेस के साथ बातचीत में उनका कहना है कि अब उन्हें स्थानीय टीएमसी नेताओं को 120 रुपये प्रति वाहन की जबरन मासिक वसूली (कट मनी) नहीं देनी पड़ रही है। इसी इलाके से महज 2 किलोमीटर दू...