नई दिल्ली, सितम्बर 5 -- भारत और बांग्लादेश के बीच गंगा जल बंटवारे को लेकर एक अहम मोड़ आ गया है। 1996 में हुई गंगा जल बंटवारा संधि इस साल दिसंबर में खत्म होने वाली है और इसके नवीनीकरण को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत चल रही है। इसी बीच बिहार से उठी आवाज ने इस पूरे मामले को सिर्फ भारत-बांग्लादेश का द्विपक्षीय मुद्दा नहीं रहने दिया है। अब इसमें भारत के भीतर राज्यों के पानी के हित भी बड़ा सवाल बन गए हैं। बिहार की सत्ता में शामिल जेडीयू ने संधि के मौजूदा स्वरूप को आगे बढ़ाने का विरोध किया है। पार्टी का कहना है कि किसी भी नए समझौते में बिहार की पानी की जरूरतों और उसके हितों को स्पष्ट रूप से ध्यान में रखा जाना चाहिए। यह मांग ऐसे समय आई है जब केंद्र सरकार बांग्लादेश के साथ संधि के भविष्य पर विचार कर रही है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि केंद्र सर...