मुंगेर, जनवरी 30 -- धरहरा, एक संवाददाता। धरहरा प्रखंड के बंगलवा पंचायत में छात्रावास खोले जाने की मांग अब आंदोलन का रूप लेने लगी है। पंचायत की करीब एक तिहाई आबादी आदिवासी समुदाय से है। जबकि समीपवर्ती माताडीह और आजिमगंज पंचायत भी आदिवासी बहुल क्षेत्र हैं। इसके बावजूद अब तक इस पूरे इलाके में आदिवासी छात्रों के लिए कोई स्थायी छात्रावास सुविधा उपलब्ध नहीं है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि आर्थिक रूप से कमजोर आदिवासी परिवारों के बच्चे मैट्रिक और इंटर की पढ़ाई के दौरान सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं। दूर स्थित विद्यालयों और कॉलेजों में नामांकन तो हो जाता है, लेकिन रहने की व्यवस्था नहीं होने के कारण बच्चों को पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ती है।
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