नई दिल्ली, जून 27 -- सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि फ्लैट पर कब्जा मिलने के बाद भी डिलीवरी में हुई देरी के लिए मुआवजा मांगा जा सकता है। कोर्ट ने नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन (एनसीडीआरसी) के 2016 के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें कहा गया था कि शिकायतकर्ता शिकायत दर्ज करते समय 'उपभोक्ता' नहीं था। एनसीडीआरसी का तर्क था कि चूंकि शिकायतकर्ता ने बिना किसी विरोध के फ्लैट का कब्जा ले लिया था, इसलिए कब्जा सौंपने में देरी के कारण सेवा में कमी का आरोप लगाने वाली उसकी शिकायत पर उसे उपभोक्ता नहीं माना जा सकता। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने एक फ्लैट खरीदार की याचिका पर यह आदेश दिया। यह खरीदार जनवरी 2003 में दिल्ली में एक कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी का सदस्य बना था और उसे एक फ्लैट अलॉट किया गया था। उसने एनसीडीआरसी के आदे...