बरेली, अक्टूबर 4 -- बरेली-सितारगंज फोरलेन और रिंग रोड निर्माण के भूमि घोटाले में फंसे पीडब्ल्यूडी के एई और सेवानिवृत्त अधिशासी अभियंता की जांच पूरी हो गई है। चीफ इंजीनियर ने इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी है। बरेली-सितारगंज फोरलेन और रिंग रोड की अधिग्रहीत जमीन पर बने ढांचों के मूल्यांकन में गड़बड़ी मिली थी। इसके लिए एक सेवानिवृत्त इंजीनियर समेत लोनिवि के चार इंजीनियरों को दोषी माना गया था। शासन के आदेश पर सहायक अभियंता स्नेहलता श्रीवास्तव, जेई राकेश कुमार और अंकित सक्सेना को निलंबित कर दिया गया था। इसके लिए रिटायर्ड अधिशासी अभियंता नारायण सिंह को भी जिम्मेदार माना गया था। हालांकि जेई राकेश कुमार और अंकित सक्सेना को हाईकोर्ट से राहत मिल गई थी। चीफ इंजीनियर ने चारों को चार्जशीट देकर जवाब मांगा था। चारों इंजीनियरों ने अपना जवाब उन्हें सौंप दिया थ...