नई दिल्ली, अगस्त 21 -- सरकार ने 21 अगस्त को 62,500 करोड़ रुपये की मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) की घोषणा की। इसके तहत पांच साल का इंसेंटिव प्रोग्राम शुरू किया गया है, जिसका मकसद हैंडसेट का प्रोडक्शन बढ़ाना और मैन्युफैक्चरर्स को ज्यादा से ज्यादा पार्ट्स और सब-असेंबली स्थानीय स्तर पर खरीदने के लिए प्रोत्साहित करना है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने बताया कि यह स्कीम मौजूदा फाइनेंशियल ईयर से शुरू होगी और 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगी। यह फाइनेंशियल ईयर 2031 तक चलेगी।मैन्युफैक्चरर्स को मिलेगा 5% तक इंसेंटिव इस स्कीम के तहत, भारत में बने मोबाइल फोन की योग्य बिक्री पर मैन्युफैक्चरर्स को 2.25% से 5% तक का इंसेंटिव मिलेगा। कंपनियां खास कंपोनेंट्स और सब-असेंबली को घरेलू स्तर पर सोर्स करके 1.5% तक का अति...