वाराणसी, जुलाई 20 -- अमित वर्मा, हिन्दुस्तान, वाराणसीः फोन में बच्चों, किशोर-किशोरियों की यौन संबंधी सामग्री रखने पर अब सीधे पुलिस कार्रवाई कर रही है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए इस पर नजर रखी जा रही है। गूगल ड्राइव, गूगल फोटोज और जीमेल की क्लाउड सेवाओं पर अपलोड होने वाली संदिग्ध सामग्री की पहचान एआई से हो रही है। ऐसी सामग्री मिलने पर प्लेटफॉर्म अपने नियमों के तहत कार्रवाई कर रहे हैं। संबंधित एजेंसियों को इसकी सूचना भेजी जा रही है, जिनमें पुलिस स्तर से केस दर्ज किया जा रहा है। कानपुर के बाद वाराणसी में दो लोगों की पहचान कर केस दर्ज किया गया है। चाइल्ड यौन शोषण सामग्री और संदिग्ध फाइलों की पहचान के लिए एआई और डिजिटल हैश-मैचिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। किसी सोशल मीडिया अकाउंट में चाइल्ड यौन शोषण से जुड़ी सामग्री मिलने पर संबंधित...