लखनऊ, फरवरी 4 -- यूपी में मतदाता सूची से नाम काटे जाने के सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोप को चुनाव आयोग ने सिरे से खारिज किया है। फॉर्म-7 पर पारदर्शी ढंग से सुनवाई के बाद ही सभी जिलों में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) नाम काटेंगे। सभी को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वह स्क्रूटनी ढंग से करें। मतदाता को पूरा अवसर दिया जाए और पारदर्शी ढंग से पूरा कार्य किया जाए। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा का कहना है कि चुनाव आयोग की ओर से मतदाता सूची से नाम काटने के लिए की जा रही आपत्तियों की ढंग से निगरानी की जा रही है। सूची से मृतकों तक के नाम पूरी जांच प्रक्रिया के बाद ही काटे जाने का प्राविधान है। सभी ईआरओ आपत्ति करने वाले व्यक्ति और संबंधित मतदाता जिसका नाम काटने के लिए फॉर्म-7 भरा गया है दोनों को नोटिस भेजकर बुलाया जा र...