गोरखपुर, अप्रैल 28 -- गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। कहते हैं कि शराब के सेवन से लिवर खराब हो जाता है। यह पूरी तरह सच नहीं है। जो लोग शराब का सेवन नहीं करते उनका लिवर भी दगा दे रहा है। रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर (आरएमआरसी) नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (एनएएफएलडी) के मरीजों की तलाश में जुटा है। गोरखपुर से लखनऊ तक करीब 1800 मरीजों पर रिसर्च की जा रही है। इसकी शुरूआत लखनऊ के नगराम सीएचसी से की गई है। वहां की ओपीडी में मरीजों की स्क्रीनिंग की जा रही है। आरएमआरसी के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. अशोक कुमार पांडेय इस अध्ययन के सह‑शोधकर्ता हैं, जबकि लोहिया संस्थान के प्रो. अरविंद कुमार इसके मुख्य प्रधान अनुसंधानकर्ता हैं। यह भी पढ़ें- फैटी लिवर की पहचान के लिए 1800 मरीजों पर अध्ययन यह पूरा प्रोजेक्ट आईसीएमआर की मंजूरी से चल रहा है। इस अध्ययन के लिए लखनऊ के न...
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