चम्पावत, जुलाई 9 -- सल्ट। मोहान स्थित आयुर्वेदिक दवा निर्माता कंपनी आईएमपीसीएल को निजी हाथों में दिए जाने का विरोध तेज हो गया है। गुरुवार को कर्मचारियों ने कंपनी के बाहर प्रदर्शन किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। आईएमपीसीएल दवा फैक्ट्री की शत-प्रतिशत हिस्सेदारी एक निजी दवा कंपनी को बेचने के फैसले के बाद से कर्मचारियों और प्रभावितों में आक्रोश है। इसके विरोध में बीते 39 दिनों से लोग धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। गुरुवार को भी लोगों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने कहा कि अगर सरकार ने अपना फैसला नहीं बदला तो उन्हें आंदोलन को और अधिक उग्र बनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। कहा कि इस दवा फैक्ट्री से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोग जुड़े हुए हैं। इसके निजीकरण के बाद इन सभी लोगों पर आर्थिक संकट आ जाएगा। यह किसी भी हाल म...