गोरखपुर, सितम्बर 23 -- गोरखपुर, वरिष्ठ संवाददाता। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हीमोफीलिया मरीजों की दुश्वारियां खत्म होने का नाम नहीं ले रहीं हैं। मेडिकल कॉलेज में हीमोफीलिया मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले फैक्टर सात, आठ और नौ खत्म हो गया है। फैक्टर की आपूर्ति लखनऊ के पीजीआई से होती है। शरीर में रक्तस्राव रोकने के लिए फैक्टर का समय पर मिलना आवश्यक होता है। हीमोफीलिया मरीजों के लिए मामूली चोट भी गंभीर खतरा बन सकती है। मेडिकल कालेज में फैक्टर खत्म होने से ऑपरेशन, चोट या अचानक ब्लीडिंग की स्थिति में मरीज लखनऊ जाने को मजबूर हैं। यह भी पढ़ें- फैक्टर चढ़वाने को नहीं भटकेंगे हीमोफीलिया के मरीजहीमोफीलिया वेलफेयर एसोसिएशन की प्रतिक्रिया हीमोफीलिया वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष शैलेश गुप्ता का कहना है कि मरीजों के लिए फैक्टर कोई सामान्य दवा नहीं, ब...