अलीगढ़, अगस्त 1 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। फेफड़ों का कैंसर अब केवल धूम्रपान करने वालों की बीमारी नहीं रहा। हवा में घुलता प्रदूषण, पैसिव स्मोकिंग और जहरीले सूक्ष्म कण चुपचाप लोगों के फेफड़ों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। अधिक चिंताजनक बात यह है कि गैर धूम्रपान करने वाले और 35 से 45 वर्ष के युवा भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। चिकित्सा संस्थानों के आंकड़ों के अनुसार, अलीगढ़ में फेफड़ों के कैंसर के मामलों में हर साल 10 से 12 प्रतिशत और उत्तर प्रदेश में 12 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। देर से पहचान के कारण अधिकांश मरीज गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंच रहे हैं। कभी बुजुर्गों और अधिक धूम्रपान करने वालों की बीमारी माने जाने वाला फेफड़ों का कैंसर अब युवाओं और गैर-धूम्रपान करने वालों में भी तेजी से बढ़ रहा है। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडि...