नई दिल्ली, जुलाई 20 -- अनादि बरुआ,पूर्व राष्ट्रीय कोच, फुटबॉल बीते चार फीफा कप में यह तीसरा मौका था, जब अर्जेंटीना की टीम फाइनल खेल रही थी। साल 2014 में वह जर्मनी के हाथों पराजित हो गई थी, तो 2022 में उसने फ्रांस को शिकस्त देकर विश्व विजेता का तमगा हासिल किया था। इस बार माना जा रहा था कि कप्तान लियोनेल मेसी का जादू चलेगा और चौथी बार उनकी टीम ट्रॉफी उठाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। स्पेन के फेरान टोरेस ने 'अतिरिक्त समय' में एकमात्र गोल करके अर्जेंटीना के प्रशंसकों का दिल तोड़ दिया और इस तरह, जीत के साथ फुटबॉल से संन्यास लेने का मेसी का सपना भी टूट गया। टूर्नामेंट के बाकी मैचों से तुलना करें, तो यह एक फीका फाइनल था, क्योंकि पूरे टूर्नामेंट में 308 गोल हुए। फिर भी रविवार की रात एक अच्छा खेल देखने को मिला। स्पेन की टीम ने 'टिकी-टाका' और 'वन-टच'...