नई दिल्ली, दिसम्बर 18 -- दिल्ली में स्कूल फीस को लेकर चली खींचतान आखिरकार अदालत के आदेश पर खत्म हो गई। शिक्षा निदेशालय के पुराने आदेश और अदालती मामले का हवाला देकर फीस रोकना एक अभिभावक को महंगा पड़ गया। साकेत जिला स्थित सिविल जज अजीत नारायण की अदालत ने स्पष्ट कहा कि जब संबंधित आदेश रद्द हो चुका है, तो उसके नाम पर फीस भुगतान से बचा नहीं जा सकता। अदालत ने निजी स्कूल के पक्ष में फैसला सुनाते हुए अभिभावक को 1.49 लाख रुपए की बकाया फीस सालाना नौ प्रतिशत ब्याज सहित चुकाने का आदेश दिया है। मामला ब्लूबेल्स स्कूल इंटरनेशनल से जुड़ा है। स्कूल ने छात्र के पिता के खिलाफ करीब 1.49 लाख रुपए की बकाया फीस की वसूली के लिए दीवानी मुकदमा दायर किया था। स्कूल का कहना था कि अभिभावक ने अपने बच्चे को यह जानते हुए दाखिल कराया कि स्कूल शुल्क आधारित है और फीस भुगतान...