अमरोहा, मार्च 9 -- अमरोहा, संवाददाता। ' विवान ' को अगर जल्द बरामद नहीं किया जाता तो खतरा उसकी जिंदगी पर मंडरा रहा था। अपने के हाथों लिखी गई उसके अपहरण की पटकथा का अंत बेहद खौफनाक था। आखिरी पन्ने पर पैसा हाथ में आने के बाद अपहरणकर्ता उसे ठिकाने लगाने की योजना बना चुके थे। कुल मिलाकर पूरे मामले में पुलिस की भूमिका बेहद अहम रही, पुलिस अगर वारदात को थोड़ा भी हल्के में लेती तो फिर विवान की जान जा सकती थी।दरअसल, गांव में घर के सामने से खेलते समय पांच वर्षीय विवान को रिश्ते के भाई लविश ने ही उठा कर धर्मेंद्र और आकाश को दिया था। दोनों गांव के बाहरी रास्ते पर खड़े होकर उसका इंतजार कर रहे थे। विवान लविश के साथ बेझिझक इसलिए चला गया क्योंकि वह उसे अच्छी तरह जानता था। इन हालात में विवान का सही सलामत घर लौटना लविश के लिए खतरे की घंटी बन सकता था क्योंकि ...