नई दिल्ली, सितम्बर 30 -- हार्ट अटैक का रिस्क केवल बूढ़े लोगों को नहीं होता। अब ये रिस्क कम उम्र में भी लोगों को हो रहा और तेजी से हार्ट अटैक से मरने वालों की संख्या भी बढ़ रही। साउथ एशियन लोगों में कॉर्डियोवस्कुलर रिस्क कम उम्र में ही शुरू हो जा रहा जिसके कुछ खास जेनेटिक और मेटाबॉलिक फैक्टर्स हैं जो जवान और फिट दिखने वाले लोगों को चुपके से दिल का मरीज बना रहा।जो लोग कम उम्र के हैं और फिट दिख रहे उन्हें भी दिल की बीमारियों का रिस्क है और उन्हें कुछ संकेतों को अनदेखा नहीं करना चाहिए। इस बारे में डॉ.दिबांशु गुप्ता, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट, सर्वोदय अस्पताल, जालंधर बताते हैं कि फिट होने का मतलब जरूरी नहीं कि आपका दिल भी स्वस्थ हो, आप नॉर्मल वजन के हो सकते हैं हेल्दी दिख सकते हैं और फिजिकली भी एक्टिव हों लेकिन फिर भी आपको दिल से जुड़े रिस्क ...