कानपुर, मई 20 -- फिजियोथेरेपी और मेडिकल लैबोरेटरी साइंस के स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रम में न सिर्फ 30 से 60 फीसदी तक सीटें कम कर दी गई हैं बल्कि 35 फीसदी तक फीस में भी इजाफा हुआ है। साथ ही, ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर) और इंटरनेशनल कोटे के तहत दाखिला भी निर्धारित सीट में ही लेने का निर्देश दिया गया है। अभी तक इन्हें निर्धारित सीट के अलावा अतिरिक्त सीट पर दाखिला मिलता था। इस बदलाव ने न सिर्फ अभिभावकों के बजट पर बोझ डाला है बल्कि छात्रों में भी दाखिले के लिए कॉम्प्टीशन का लेवल बढ़ा दिया है। यह बदलाव नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशंस की नई गाइडलाइन के अनुसार हुआ है। वर्तमान में फिजियोथेरेपी और मेडिकल लैबोरेटरी साइंस के विशेषज्ञों की मांग अधिक है। इस कारण, ये दोनों ही पाठ्यक्रम युवाओं की पहली पसंद बन गए हैं, लेकिन, ये बदलाव ...