बुलंदशहर, नवम्बर 30 -- गंगा की गोद में अठखेलियां कर रहीं डॉल्फिन की सुरक्षा को लेकर डब्ल्यूडब्ल्यूएफ यानि वर्ल्ड वाइल्ड लाइफ फाउंडेशन ने एक बड़ा कदम उठाया है। अक्सर गंगा से निकलकर डॉल्फिन नहरों में आ जाती हैं और इनकी मौत हो जाती है, मगर अब ऐसा नहीं होगा। हापुड़ से लेकर बुलंदशहर के नरौरा बैराज तक फिंगर यंत्र लगाए जाएंगे और यह डॉल्फिनों को रास्ता दिखाएंगे। इन फिंगरों से डॉल्फिन गंगा में रहेंगी और दूसरे नहरों का रास्ता नहीं भटकेंगी यहां तक यह फिंगर डॉल्फिनों को कम पानी में भी नहीं जाने देंगे। दोनों जिलों में जल्द ही फिंगर लगाने का कार्य शुरू हो जाएगा। गांगेय डॉल्फिन विश्व में पाई जाने वाली डॉल्फिन की दुर्लभ प्रजातियों में से एक है वर्ष 2009 में केंद्र सरकार ने डॉल्फिन को राष्ट्रीय जलीय जीव घोषित किया था और इसके शिकार पर पूरी तरह से रोक लगी ह...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.