जमशेदपुर, दिसम्बर 31 -- अब अपराधियों की पहचान केवल फिंगरप्रिंट या आइरिस स्कैन तक सीमित नहीं रहेगी। देश की पुलिस व्यवस्था को तकनीकी रूप से और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के विकसित अत्याधुनिक सॉफ्टवेयर के जरिए अब अपराधियों की पहचान उनके चेहरे की फोटो, चलने के तरीके, लंबाई, कद-काठी और शारीरिक डील-डौल के आधार पर भी की जा सकेगी। फिलहाल पुलिस अपराधियों की पहचान मुख्य रूप से आइरिस स्कैन और फिंगरप्रिंट के जरिए करती है, लेकिन कई मामलों में अपराधी इनसे बच निकलने में सफल हो जाते हैं। ऐसे में नई प्रणाली कारगर साबित होगी। इस सॉफ्टवेयर में देशभर के अपराधियों का विस्तृत डिजिटल रिकॉर्ड डाला जाएगा, जिसमें बायोमेट्रिक डेटा के साथ-साथ उनके शारीरिक हाव-भाव और चलने की शैली का भी विव...
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