छपरा, जनवरी 20 -- छपरा, नगर प्रतिनिधि। कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच भी सारण के खेत-खलिहानों से निकलकर किसान पंचायत भवनों और प्रखंड मुख्यालयों तक पहुंच रहे हैं। वजह है किसान निबंधन अर्थात फार्मर रजिस्ट्री अभियान, जिसे सरकार ने कृषि योजनाओं की रीढ़ बनाने का लक्ष्य तय किया है।सारण में चल रहा किसान निबंधन अभियान एक ओर जहां डिजिटल कृषि व्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम है, वहीं दूसरी ओर यह वर्षों से लंबित राजस्व और दस्तावेजी खामियों को भी उजागर कर रहा है। किसानों की भागीदारी यह बताती है कि वे बदलाव के लिए तैयार हैं, जरूरत है तो बस प्रशासनिक प्रक्रिया को और सरल, तेज और किसान-हितैषी बनाने की। विशेष शिविरों के माध्यम से किसानों को एकीकृत पहचान देने की यह कोशिश जमीन पर तो आगे बढ़ रही है, लेकिन इसके रास्ते में प्रशासनिक उलझनों और तकनीकी समस्याओं क...